Thursday, 2 July 2026
logo
logo
उत्तरखण्ड , देहरादून

बारिश के बीच सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश, नदी किनारे लगेंगे वार्निंग सायरन व सीसीटीवी; जिला प्रशासन की क्यूआरटी रहेगी सक्रिय .

अपनी बात , उत्तरखण्ड , देश विदेश , नजरिया

धामी सरकार का बड़ा फैसलाः सभी अल्पसंख्यक समुदायों को समान शैक्षणिक अवसर देने की नई व्यवस्था लागू .

उत्तरखण्ड

लाभार्थियों को जल्द मिलेगी मूलभूत सुविधाओं से युक्त पीएम आवासीय व्यवस्थाः राजेश कुमार.

अपनी बात , उत्तरखण्ड , देहरादून

उत्तराखंड में दुर्गम क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए टेलीमेडिसिन और हेली एंबुलेंस सेवाएं बनीं सहाराः धामी .

उत्तरखण्ड , देहरादून , स्वास्‍थ्य

कोरोनेशन अस्पताल में निरीक्षण के दौरोन लावारिस मरीज के लिए देवदूत बने डीएम, तत्काल मिली इमरजेंसी चिकित्सा.

Latest News

उत्तरखण्ड

बारिश के बीच सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश, नदी किनारे लगेंगे वार्निंग सायरन व सीसीटीवी; जिला प्रशासन की ...

जनपद में हुई वर्षा एवं संभावित आपदा की परिस्थितियों को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने आज आपदा ...

तपोवन में बजरंग सेतु का मुख्य सचिव ने किया निरीक्षण ...

मुख्य सचिव आनंद बर्धन द्वारा जनपद टिहरी गढ़वाल क्षेत्रांतर्गत तपोवन स्थित बजरंग सेतु का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण ...

देश विदेश

पड़ोसी राज्य

सीएम के निर्देश पर चमोली डीएम ने राजेश ...

चमोली जनपद के क़ौब गांव निवासी राजेश के पंजाब में उत्पीड़न के मामले का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह

खबरें

अब अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति अनियमित मामले में होगी जांच, सीएम ने दिए एसआईटी गठित के निर्देश ...

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर पंजीकृत संस्थाओं द्वारा की गई अनियमितताओं एवं फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से छात्रवृत्ति राशि के गबन के गंभीर प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए विशेष जांच टीम (एसआईटी) के गठन के निर्देश दिए गए हैं।  प्रथम दृष्टया जांच में यह पाया गया है कि कुछ संस्थाओं ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति प्राप्त की है, जिनमें कुछ मदरसे, संस्कृत विद्यालय तथा अन्य शिक्षण संस्थाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचारियों को बख्शा नहीं जाएगा। केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए 2021-22 एवं 2022-23 सत्र के आंकड़ों के अनुसार राज्य की कुल 92 संस्थाएं संदेह के घेरे में हैं। इनमें से 17 संस्थाओं के विरुद्ध प्राथमिक जांच में छात्रवृत्ति गबन की पुष्टि हुई है। इन संस्थाओं में कुछ मामलों में विद्यार्थियों की संख्या, पहचान पत्र (आधार कार्ड), व निवास संबंधी दस्तावेज फर्जी ...