Sunday, 28 June 2026
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उत्तरखण्ड , हरिद्वार

अंगदान मानव सेवा का सर्वोच्च कार्यः नड्डा.

उत्तरखण्ड , देहरादून

रिस्पना नदी का पुनर्जीवन केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जनसहभागिता से जुड़ा एक व्यापक पर्यावरणीय मिशनः आशीष चौहान.

उत्तरखण्ड , कुमाऊं मंडल , देश विदेश , पिथोरागड़

नजरियाः राज्य बनने के बाद पहली बार पांच मीट्रिक टन रेनबो ट्राउट मछली का निर्यात.

उत्तरखण्ड , उधम सिंह नगर

पर्यावरण संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता, इसके लिए एक पौध अवश्य साल में लगाएंः शिवराज चौहान.

अपनी बात , उत्तरखण्ड , उधम सिंह नगर

रूद्रपुर से हुआ खेत बचाओ अभियान का शुभारंभ, केंद्रीय कृषि मंत्री एवं मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत.

Latest News

उत्तरखण्ड

रिस्पना नदी का पुनर्जीवन केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जनसहभागिता से जुड़ा एक व्यापक पर्यावरणीय मिशनः आशीष ...

जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने आज ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में रिस्पना नदी के पुनर्जीवन, संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के संबंध ...

तपोवन में बजरंग सेतु का मुख्य सचिव ने किया निरीक्षण ...

मुख्य सचिव आनंद बर्धन द्वारा जनपद टिहरी गढ़वाल क्षेत्रांतर्गत तपोवन स्थित बजरंग सेतु का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण ...

पर्यावरण संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता, इसके लिए एक पौध अवश्य साल में लगाएंः शिवराज ...

पंडित गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में आयोजित दो दिवसीय पूर्व छात्र सम्मेलन का शुभारंभ केंद्रीय ...

देश विदेश

पड़ोसी राज्य

सीएम के निर्देश पर चमोली डीएम ने राजेश ...

चमोली जनपद के क़ौब गांव निवासी राजेश के पंजाब में उत्पीड़न के मामले का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह

खबरें

अब अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति अनियमित मामले में होगी जांच, सीएम ने दिए एसआईटी गठित के निर्देश ...

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर पंजीकृत संस्थाओं द्वारा की गई अनियमितताओं एवं फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से छात्रवृत्ति राशि के गबन के गंभीर प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए विशेष जांच टीम (एसआईटी) के गठन के निर्देश दिए गए हैं।  प्रथम दृष्टया जांच में यह पाया गया है कि कुछ संस्थाओं ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति प्राप्त की है, जिनमें कुछ मदरसे, संस्कृत विद्यालय तथा अन्य शिक्षण संस्थाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचारियों को बख्शा नहीं जाएगा। केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए 2021-22 एवं 2022-23 सत्र के आंकड़ों के अनुसार राज्य की कुल 92 संस्थाएं संदेह के घेरे में हैं। इनमें से 17 संस्थाओं के विरुद्ध प्राथमिक जांच में छात्रवृत्ति गबन की पुष्टि हुई है। इन संस्थाओं में कुछ मामलों में विद्यार्थियों की संख्या, पहचान पत्र (आधार कार्ड), व निवास संबंधी दस्तावेज फर्जी ...